बिहार के सिवान से पंकज सिंह की रिपोर्ट
सिवान जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कन्हौली गांव स्थित एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर ट्यूशन के दौरान छात्रा से छेड़खानी का गंभीर आरोप सामने आया है। यह घटना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। आरोप है कि प्रधानाध्यापक विद्यालय समय के बाद निजी ट्यूशन के बहाने छात्राओं को पढ़ाता था। इसी दौरान उसने एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक हरकत करने का प्रयास किया। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद अभिभावक तत्काल मौके पर पहुंचे और आरोपी शिक्षक को कथित रूप से रंगे हाथ पकड़ लिया।

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और अभिभावकों ने कानून अपने हाथ में लेते हुए प्रधानाध्यापक के कपड़े उतरवाए, चेहरे पर कालिख पोती, जूते-चप्पलों की माला पहनाई और गांव में घुमाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। इस दौरान गांव में तनाव और अफरातफरी का माहौल बना रहा। यह घटना शिक्षा विभाग की उस जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठाती है, जिसमें बच्चों को सुरक्षित माहौल देने की बात कही जाती है। जिन शिक्षकों को बच्चों के भविष्य का मार्गदर्शक माना जाता है, उन्हीं पर इस तरह के आरोप शिक्षा व्यवस्था की साख को गहरी चोट पहुंचाते हैं।
सूचना मिलने पर बसंतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या ऐसे शिक्षकों पर समय रहते कार्रवाई कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।






