बाल्मीकि नगर से नन्दलाल पटेल की रिपोर्ट
वाल्मीकिनगर। सीमावर्ती नेपाल में लगने वाले ऐतिहासिक एवं धार्मिक मदार मेले को लेकर श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के मद्देनज़र वाल्मीकिनगर स्थित भारत–नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। विशेषकर गंडक बराज चेकपोस्ट पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहे हैं।
मेले के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से सघन तलाशी एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है। एसएसबी द्वारा दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बारीकी से जांच की जा रही है, वहीं पैदल सीमा पार करने वाले श्रद्धालुओं के पहचान पत्रों की जांच के साथ सामानों की तलाशी ली जा रही है।

एसएसबी सूत्रों के अनुसार यह विशेष अभियान कमांडेंट के दिशा-निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। सीमा पार करने वाले प्रत्येक व्यक्ति और वाहन पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
गौरतलब है कि मदार मेला नेपाल के नवलपरासी जिले के महलवारी क्षेत्र स्थित पहाड़ी पर आयोजित होता है। बिहार सहित भारत के विभिन्न हिस्सों से नेपाल जाने का प्रमुख और एकमात्र मार्ग गंडक बराज होने के कारण, मेले के दिनों में वाल्मीकिनगर होकर गुजरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक भारी वृद्धि हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहतीं।

मदार मेला अपने धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यहां सर्वधर्म समभाव की अनूठी मिसाल देखने को मिलती है। सात पहाड़ियां पार कर मदार बाबा की मजार पर चादरपोशी की परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसके चलते श्रद्धालुओं के साथ-साथ व्यापारियों और पर्यटकों की भी बड़ी भीड़ उमड़ती है।
एसएसबी की सक्रिय भूमिका से मेला न केवल आस्था और व्यापार का केंद्र बना हुआ है, बल्कि सुरक्षा, सेवा और भारत-नेपाल के बीच बंधुत्व का भी प्रतीक बन रहा है। सीमा पर तैनात जवान सुरक्षा के साथ-साथ जरूरतमंद श्रद्धालुओं की मदद कर मानवीय संवेदनाओं का परिचय दे रहे हैं। प्रशासन और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से उम्मीद जताई जा रही है कि मदार मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होगा।






