विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा पुलिस द्वारा लगातार किए गए अनुश्रवण, प्रस्तुत ठोस साक्ष्य, पुलिस गवाहों की विश्वसनीय गवाही एवं विधिवत समर्पित चार्जशीट के आधार पर माननीय न्यायालय ने 24 वर्ष पुराने आर्म्स एक्ट के मामले में अहम फैसला सुनाया है। यह निर्णय माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, बगहा श्री राजीव शंकर के न्यायालय द्वारा दिया गया।
मामला पुलिस जिला बगहा अंतर्गत भैरोगंज थाना कांड संख्या–145/2001 से संबंधित है, जो आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-b)(a) एवं 26 के अंतर्गत दर्ज किया गया था। इस कांड में नामजद अभियुक्त शत्रुधन ठाकुर, पिता—मुंगी ठाकुर, निवासी—विलासपुर, थाना—रामनगर, जिला—पश्चिम चम्पारण को दोषी करार दिया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा आरोप गठन के पश्चात अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों की गहन समीक्षा की गई। सुनवाई के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि अभियुक्त का कृत्य आर्म्स एक्ट के गंभीर प्रावधानों के अंतर्गत आता है। इसके पश्चात न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 25(1-b)(a) के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में एक माह का साधारण कारावास की सजा सुनाई। वहीं धारा 26 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत भी 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर एक माह का साधारण कारावास की सजा दी गई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, बगहा द्वारा इस कांड को त्वरित विचारण की श्रेणी में रखते हुए स्वयं इसकी सतत निगरानी की गई, जिससे लंबे समय से लंबित मामले में न्याय सुनिश्चित हो सका।
अभियुक्त को सजा दिलाने में अपर लोक अभियोजक श्री अमित पासवान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनके प्रभावी तर्कों एवं सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय द्वारा यह सख्त फैसला सुनाया गया, जिससे आमजन में कानून के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।






