विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
पश्चिमी चंपारण। यूपी–बिहार सीमा पर अवैध परिवहन रोकने के दावों के बीच नौरंगिया थाना क्षेत्र के मदनपुर मोड़ पर सामने आई घटना ने उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मदनपुर चेक पोस्ट पर उत्तर प्रदेश से आ रही एक पिकअप वाहन की जांच के दौरान उसमें 11 ड्रमों में करीब दो हजार लीटर पेट्रोलियम पदार्थ लदा हुआ पाया गया।
इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ का परिवहन सीमा क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से बड़ा खतरा माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में वाहन को संदिग्ध मानते हुए जब्त किया गया, लेकिन बाद में कुछ कागजातों के आधार पर उसे छोड़ दिए जाने की बात सामने आई, जिससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित और सख्त जांच होती, तो इस तरह का वाहन पहले ही रोका जा सकता था। सवाल यह भी उठ रहा है कि इतनी भारी मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ का परिवहन आखिर किस उद्देश्य से और किन शर्तों पर किया जा रहा था।
गौरतलब है कि सीमा क्षेत्र में पहले भी अवैध शराब, डीजल और पेट्रोल की तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में इस तरह के मामलों में केवल कागजी खानापूर्ति कर वाहन छोड़ देना उत्पाद विभाग की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और प्रभावी कार्रवाई के अभाव में तस्करों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और आम जनता की जान-माल की रक्षा के लिए अब औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।






