विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा, उत्तर प्रदेश–बिहार सीमा से सटे खड्डा (कुशीनगर) प्रखंड के नगर पंचायत छितौनी अंतर्गत पथलेश्वर नाथ नगर स्थित नलिनी देवी इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रांगण में सरस्वती पूजन सह कॉलेज स्थापना दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के संस्थापक एवं वाराणसी के प्रसिद्ध पद्मश्री डॉ. कमलाकर त्रिपाठी ने की, जबकि संचालन कॉलेज की प्रबंधक स्मिता त्रिपाठी ने किया।

समारोह की शुरुआत विधिवत सरस्वती पूजन से हुई। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा नृत्य, नाटक, लोक नृत्य एवं गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान शैक्षिक और सांस्कृतिक वातावरण की मनोहारी झलक देखने को मिली।

इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले विद्वानों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) महेश्वर मिश्र—गोरखपुर विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं डीन तथा संजय प्रौद्योगिकी कॉलेज मथुरा, अग्रसेन कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी गाजियाबाद के पूर्व निदेशक—को “अभिनव कणाद सम्मान” से सम्मानित किया गया।

वहीं संस्कृत साहित्य के विद्वान, कवि एवं धार्मिक ग्रंथों के आधुनिक व्याख्याकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व अपर जिलाधिकारी डॉ. गायत्री प्रसाद पांडेय को “साहित्य भूषण सम्मान” प्रदान किया गया। दोनों विद्वानों को यह सम्मान संचालिका निधि मिश्रा द्वारा प्रदान किया गया।
समारोह में बिहार के बगहा से आए होमियो कैंसर सेवा के प्रख्यात चिकित्सक डॉ. पदम भानु सिंह को पद्मश्री डॉ. कमलाकर त्रिपाठी ने स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

अपने संबोधन में अतिथियों ने कॉलेज प्रबंधक स्मिता त्रिपाठी के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। कॉलेज की प्रधानाचार्या अनुपमा मिश्रा एवं प्रबंधक डॉ. स्मिता त्रिपाठी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ. स्मिता त्रिपाठी ने कहा कि सरस्वती पूजन एवं स्थापना दिवस के अवसर पर संस्था की उपलब्धियों, शैक्षणिक विकास और भविष्य की योजनाओं को साझा करने का अवसर मिलता है, जिससे एकता और विकास की भावना को बल मिलता है।

कार्यक्रम का समापन शिक्षाविद् डॉ. रविकेश मिश्र के समापन उद्बोधन एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। मौके पर डॉ. पदम भानु सिंह, प्रो. अरविंद नाथ तिवारी, विनय मिश्र, रमेश मिश्र, दिनेश मिश्र, डॉ. ऋचिक त्रिपाठी, अनुपमा मिश्रा, अविनाश मिश्र, नवेंद्रु मिश्र, आशीष मिश्र सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।






