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संगीत, काव्य, कला, शिल्प, शब्द, रस और शक्ति की देवी हैं मां सरस्वती- पंडित भरत उपाध्याय

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विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार


बगहा अनुमंडल अंतर्गत मधुबनी प्रखंड स्थित राजकीय कृत हरदेव प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज मधुबनी के प्रांगण में स्थित वाग्देवी मंदिर में आज बसंत पंचमी को सरस्वती मां की पूजा विद्वान आचार्य विद्वान आचार्य नीरज शांडिल्य के द्वारा विधि पूर्वक कराया गया। इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक कर्मचारी प्रधानाचार्य संतोष कुमार त्रिपाठी के अगुआई में पूजा पाठ किया।


पूर्व प्राचार्य पंडित भारत उपाध्याय ने इस अवसर पर कहा कि देवी भागवत पुराण के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मां सरस्वती का जन्मोत्सव मनाया जाता है। मां सरस्वती को संगीत, काव्य, कला, शिल्प, शब्द, रस और शक्ति की देवी माना गया है। इस दिन भगवान कामदेव और उनकी पत्नी माता रति की पूजा का भी विधान है।

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को पीले रंग के फूल, वस्त्र और भोग अर्पित किए जाते हैं ।साथ में विधिपूर्वक पूजा करने पर मनोवांछित फल प्राप्त होता है। अंत में सभी शिक्षकों ने बच्चों को प्रसाद के साथ उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

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