विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा (पश्चिम चंपारण) बच्चेदानी के कैंसर से पीड़ित रोशन खातून के जीवन में उस समय नई उम्मीद जगी, जब मुंबई में कीमोथेरेपी और रेडिएशन उपचार के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। इलाज के दौरान आंतों में संक्रमण हो जाने से मरीज की स्थिति गंभीर हो गई थी। सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें वापस बिहार लेकर आए।
परिजनों के अनुसार, लगातार इलाज और आर्थिक दबाव के कारण परिवार करीब तीन लाख रुपये के कर्ज में डूब गया था। इसी बीच स्थानीय लोगों की सलाह पर मरीज को होम्योपैथिक इलाज अपनाने का सुझाव मिला। इसके बाद रोशन खातून को पश्चिम चंपारण जिले के बगहा स्थित होमियो कैंसर सेवा अस्पताल में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. पदम भानु सिंह को दिखाया गया।
परिजनों का कहना है कि डॉ. सिंह द्वारा दी गई होम्योपैथिक दवाओं के सेवन के मात्र पांच दिनों के भीतर मरीज की हालत में उल्लेखनीय सुधार दिखने लगा। उल्टी बंद हो गई, भूख लगने लगी, दर्द में राहत मिली और मरीज धीरे-धीरे उठकर चलने लगी। परिवार इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहा है।
बताया गया कि तीन-तीन महीने के अंतराल पर दो बार जांच कराई गई। 18 जनवरी 2026 को हुई जांच में मामूली सूजन के अलावा बच्चेदानी में गांठ नहीं मिलने की बात सामने आई, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
मरीज रोशन खातून का कहना है कि होम्योपैथिक दवाएं उनके लिए वरदान साबित हुईं। उन्होंने कहा कि इस इलाज से उन्हें किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं हुआ और अब वे स्वयं को काफी स्वस्थ महसूस कर रही हैं। उन्होंने अपने चिकित्सक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे ईश्वर से उनके दीर्घायु होने और अन्य मरीजों को भी राहत देने की कामना करती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कैंसर जैसे गंभीर रोग में बिहार के डॉ. पदम भानु सिंह जरूरतमंद मरीजों के लिए सहारा बन रहे हैं और उनके इलाज से कई मरीजों को नई उम्मीद मिल रही है।






