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माले नेता विकास यादव और सोहेल मांझी पर से फर्जी मुकदमा का निष्पक्ष जांच किया जाए।- इंकलाबी नौजवान सभा

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गरीबों की आवाज माले नेता विकास यादव और सोहेल मांझी पर से फर्जी मुकदमा तत्काल वापस लो!- आरवाईए

बिहार के सिवान से पंकज सिंह की रिपोर्ट

आज दिनांक 09 जनवरी 2026 को सिवान बाबा साहब डॉ भीम राव आंबेडकर पार्क से माले नेता विकास यादव और सोहेल मांझी पर से फर्जी मुकदमा वापस लो , जमादार मांझी के हत्यारों को गिरफ्तार करो के नारे के साथ आक्रोश मार्च निकाल गया।
आक्रोश मार्च गोपालगंज मोड से निकाल कर जेपी चौक होते हुए अस्पताल मोड़ के रास्ते फिर जेपी चौक पर सभा में बदल गया।
आक्रोश मार्च को संबोधित करते हुए इंकलाबी नौजवान सभा राज्य उपाध्यक्ष सह सिवान जिला सचिव जयशंकर पंडित और मजदूर यूनियन राज्य सचिव अमित कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि 2024 में माले नेता जमादार मांझी को पीट पीट कर हत्या कर दिया गया था उसी केश को उठाने के लिए जमादार मांझी के भाई सोहेल मांझी और विकाश यादव पर दबाव बनाया जा रहा है। फिर एक बार इन दोनों नेताओं पर गोरेयाकोठी कांड संख्या 415/2025 कर दिया गया। ये केश पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष, पूर्वाग्रह और सुनियोजित साजिश का परिणाम है। माले नेता कॉ. विकास यादव ओर सोहेल मांझी की बढ़ती जनस्वीकृति, सामाजिक सक्रियता और लोकतांत्रिक हस्तक्षेप से घबराकर विरोधी गुट ने सत्ता और प्रशासनिक प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए उन्हें झूठे एवं मनगढ़ंत आरोपों में फँसाने का प्रयास किया है। यह मामला न्यायिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीति से प्रेरित प्रतिशोधात्मक कार्रवाई का स्पष्ट उदाहरण है। जिस कथित घटना से कॉ. विकास यादव को जोड़ा जा रहा है, उस घटना से उनका कोई संबंध नहीं है। घटना के समय उनकी उपस्थिति पूरी तरह से किसी अन्य स्थान पर थी, जिसकी पुष्टि तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल टावर लोकेशन एवं अन्य वस्तुनिष्ठ तथ्यों से सहज रूप से की जा सकती है। इसके बावजूद बार-बार फर्जी मुकदमे दर्ज कराना यह दर्शाता है कि विपक्ष को सामने आने से रोककर लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाना चाहता है। यह भी तथ्यात्मक रूप से स्पष्ट है कि इससे पूर्व भी दबाव, धमकी और झूठे आरोपों के माध्यम से समझौता कराने का प्रयास किया गया था। जब यह प्रयास असफल रहा, तब साजिश के तहत नए-नए मुकदमे गढ़े गए, ताकि राजनीतिक रूप से सक्रिय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भयभीत किया जा सके और जनआंदोलन को कमजोर किया जा सके!
इंकलाबी नौजवान सभा के जिला उपाध्यक विशाल यादव और आइसा नेता प्रिंस पासवान ने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन कानून का दुरुपयोग कर जनप्रतिनिधियों, माले नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश लोकतंत्र की मूल भावना पर सीधा हमला है। हम किसी भी प्रकार की राजनीतिक साजिश से न तो डरेंगे और न ही पीछे हटेंगे। सत्य, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष पूरी मजबूती से जारी रहेगा।छात्र संगठन आइसा RYA ने प्रशासन से स्पष्ट और ठोस मांग करते हैं कि सिवान के थाना गोरेयाकोठी कांड संख्या 415/2025 की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए, ताकि राजनीतिक दुर्भावना का पर्दाफाश हो, निर्दोषों को न्याय मिले और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बना रह सके।

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