विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
मधुबनी, लोकेश्वर महादेव मंदिर के स्थापना दिवस पर डा०अनिरुद्ध चतुर्वेदी द्वारा सत्संग भवन में वेदमन्त्र के वाचन के साथ अंगवस्त्र, गीता पुस्तक और द्रव्य देकर संस्कृत के प्रकांड विद्वान पूर्व प्राचार्य डॉ श्री नाथ द्विवेदी एवं पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय को सम्मानित किया।
इस अवसर पर पंडित द्विवेदी ने सत्संग में संत की बृहद चर्चा करते हुए प्रहलाद प्रकरण में नारद जी की भूमिका का वर्णन एवं श्री हनुमान और विभीषण का दृष्टांत प्रस्तुत किये।

श्रेष्ठ विद्वानों द्वारा सम्मानित होने पर पंडित भरत उपाध्याय ने कहा कि-शिव तभी समर्थ हैं जब शक्ति से संयुक्त हों शक्ति के बिना शिव भी निष्क्रिय हैं, लोकेश्वर महादेव मंदिर में सभी देवी-देवताओं की उपस्थिति प्रसन्नता की बात है,नित्यानंद महाराज जी द्वारा इस सत्संग भवन में, कही हुई, बात संकल्प के साथ आजीवन निभाया जाए। सत्संग का कार्यक्रम भंग नहीं होना चाहिए।
इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य ब्रह्मदेव सिंह,वी०एन तिवारी, वरिष्ठ एडवोकेट रामप्रवेश पांडेय, पूर्व प्रवक्ता रमेश त्रिपाठी ,शिक्षक भरत पांडेय, दिनेश कुमार गुप्ता सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।






