विजय कुमार शर्मा बगहा / अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण, बिहार
बेतिया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किए गए वादों को लागू कराने की मांग को लेकर भाकपा (माले) रेड फ्लैग की जिला कमेटी के तत्वावधान में जिला समाहरणालय के समक्ष जोरदार रोषपूर्ण प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के माध्यम से भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन व पक्का मकान, एक करोड़ से अधिक महागरीब जरूरतमंदों को दो लाख रुपये अनुदान, आवास योजना में भ्रष्टाचार पर रोक, नगर निकायों में संविदा, मस्टररोल व आउटसोर्सिंग प्रथा समाप्त करने सहित कुल 9 सूत्री मांगें उठाई गईं।
धरना को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) रेड फ्लैग के राज्य सचिव कॉमरेड रवीन्द्र कुमार ‘रवि’ ने जिला पदाधिकारी को धन्यवाद देते हुए कहा कि एक वर्ष के भीतर पश्चिम चंपारण जिले में लगभग डेढ़ हजार भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन का पर्चा दिया गया है, जो सराहनीय है। हालांकि उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित हजारों परिवार आज भी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे सभी परिवारों को शीघ्र जमीन उपलब्ध कराकर सरकार अपने वादे पूरे करे।

उन्होंने लघु उद्यमी योजना के तहत एक करोड़ से अधिक महागरीब जरूरतमंदों को दो-दो लाख रुपये अनुदान देने के वादे को भी शीघ्र लागू करने की मांग की। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश की राष्ट्रीय संपदा को कॉरपोरेट घरानों के हाथों सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि आज की लड़ाई क्रोनी पूंजीवाद बनाम गरीबों के बीच और अधिक तीखी हो गई है।
जिला सचिव हरिशंकर प्रसाद ने केंद्र और राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि नगर निकायों में सफाई कर्मियों व कार्यालय सहायकों को संविदा, मस्टररोल और आउटसोर्सिंग के नाम पर असुरक्षित भविष्य में न धकेला जाए।
धरना को रसूल मियां, संजय यादव, पिंकी देवी, रुक्साना खातून, सावित्री देवी, मशरूम नेशा, राधा कुमारी, आरती देवी, हलिमा खातून, भिखम राम, अवधेश राम, प्रियंका देवी, जीतेंद्र राम, रेयाज मियां सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने ऐलान किया कि 19 जनवरी 2026 को पश्चिम चंपारण जिले से 10 हजार लोग पटना में मुख्यमंत्री के समक्ष होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे।
अंत में 9 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन एवं 795 भूमिहीन व गरीब परिवारों की सूची भाकपा (माले) रेड फ्लैग के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला सचिव हरिशंकर प्रसाद के नेतृत्व में जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित था।






