विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
रामनगर प्रखंड के खटौरी पंचायत में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित यह केंद्र आज खुद इलाज का मोहताज नजर आ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को मूलभूत सुविधाएं तक नसीब नहीं हो पा रही हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
स्थानीय मुखिया स्मिता चौरसिया ने उप स्वास्थ्य केंद्र की जर्जर स्थिति को उजागर करते हुए बताया कि केंद्र का भवन काफी जर्जर अवस्था में है। कई कमरों की हालत खराब है, छत से पानी टपकता है और साफ-सफाई की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री और अन्य स्वास्थ्य संसाधनों का भी लगातार अभाव बना रहता है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ता है।
मुखिया ने यह भी आरोप लगाया कि उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति नहीं हो पाती, जिसके कारण ग्रामीणों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। खासकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इस समस्या की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। मुखिया स्मिता चौरसिया ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर उप स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।






