Monday, March 30, 2026
No menu items!
Google search engine
Home आस पास चंपारण के ‘मसीहा’ एपी पाठक ने फिर पेश किया मानवता का उदाहरण,नरकटियागंज...

चंपारण के ‘मसीहा’ एपी पाठक ने फिर पेश किया मानवता का उदाहरण,नरकटियागंज निवासी की बचाई जान…

0
161

विजय कुमार शर्मा बगहा / रमेश ठाकुर रामनगर पश्चिम चंपारण, बिहार

बाबु धाम ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह एपी पाठक ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे चंपारण के लोगों के लिए सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि सच्चे अर्थों में मसीहा हैं। नरकटियागंज विधानसभा के वार्ड 19 निवासी, मूल रूप से केहूनिया के रहने वाले राजेश गुप्ता दिल्ली के बत्रा अस्पताल में गंभीर स्थिति में भर्ती थे। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें प्रतिदिन ₹4500 वाले जेनरल बेड पर रखा था, जहां सुविधाएँ अत्यंत सीमित थीं।
स्थिति की जानकारी मिलते ही एपी पाठक ने तुरंत हस्तक्षेप किया।
अस्पताल प्रबंधन से व्यक्तिगत बातचीत कर उन्हीं शुल्कों पर राजेश को ऐसे वार्ड में स्थानांतरित कराया जहाँ पहले से कहीं अधिक सुविधाएँ उपलब्ध थीं और सामान्यतः जिसका चार्ज ₹10,000 प्रतिदिन होता है। न केवल यह, बल्कि उन्होंने सुनिश्चित किया कि राजेश की सर्जरी जल्दी, सुरक्षित और सर्वोत्तम चिकित्सकीय व्यवस्था में हो।
डिस्चार्ज के समय भी एपी पाठक ने अस्पताल से वार्ता कर कुल बिल में उल्लेखनीय कमी कराई, जिससे मरीज के परिवार पर आर्थिक बोझ काफी कम हो गया।
जब संवाददाता ने राजेश गुप्ता से बातचीत की, तो उनकी भावनाएँ छलक पड़ीं।
उन्होंने कहा—
“एपी पाठक मेरे लिए मसीहा हैं। उनका एक फोन मेरे लिए राहत बन गया। उन्होंने न सिर्फ मेरी जान बचाई, बल्कि मुझे बेहतर इलाज और आर्थिक सहूलियत भी दिलाई। मेरी जिंदगी को नया आयाम मिला है।”
एपी पाठक की यह संवेदनशील पहल कोई पहली घटना नहीं है।
पिछले डेढ़ दशक से वे चंपारण के हजारों जरूरतमंदों का जीवन संवारते आ रहे हैं। AIIMS, PGI, PMCH, IGIMS, पार्थो हॉस्पिटल जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उन्होंने हजारों गरीब, बुजुर्ग, महिलाएँ और युवाओं का इलाज करवाया है—वह भी बिना शोर-शराबे, बिना प्रचार, सिर्फ मानवता की सेवा की भावना से।
सिर्फ इलाज ही नहीं—
देश में विकलांगता प्रमाणपत्र को जिला स्तर से हटाकर अनुमंडल एवं ब्लॉक स्तर पर बनाने की ऐतिहासिक व्यवस्था लागू करवाने में भी एपी पाठक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इससे लाखों लोगों को फायदा मिल रहा है।
एपी पाठक का जीवन और सेवा एक ही संदेश देते हैं—जहाँ दर्द है, वहाँ एपी पाठक है।
जहाँ जरूरत है, वहाँ बाबु धाम ट्रस्ट है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!