ओमेषिता मीनाक्षी सनातन सेवा संस्थान ट्रस्ट ने दिखाया सामाजिक जिम्मेदारी, ग्रामीणों ने जताया आभार।
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा प्रखंड एक के चखनी रजवटिया पंचायत स्थित पवित्र राजवटिया धाम में पिछले कई दिनों से फैली अव्यवस्था के बीच अब उम्मीद की नई किरण जागी है। नारायणी नदी के किनारे बसे इस ऐतिहासिक हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में दो महीनों से खराब पड़े चापाकल की मरम्मत कर दी गई है। लंबे समय से जलसंकट का सामना कर रहे श्रद्धालु और मंदिर में रह रही वृद्ध पुजारीन के लिए यह सुगमता बड़े राहत की तरह है। उधर, हाल ही में आए चक्रवाती तूफान ने मंदिर की पहले से ही जर्जर छत को पूरी तरह उखाड़ दिया था। कटरेन उड़ जाने से वृद्ध पुजारीन को खुले आसमान तले जीवन यापन की मजबूरी झेलनी पड़ रही थी।

बरसात, तेज हवाओं और शीतलहर ने उनके जीवन को बेहद कठिन बना दिया था, जिससे ग्रामीणों में चिंता और संवेदना दोनों बढ़ रही थीं।ऐसे कठिन समय में ओमेषिता मीनाक्षी सनातन सेवा संस्थान ट्रस्ट ने आगे बढ़कर अत्यंत सराहनीय पहल की। ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने न केवल टूटे चापाकल को दुरुस्त कराया, बल्कि क्षतिग्रस्त छत पर नई कटरेन लगवाकर मंदिर परिसर को सुरक्षित बना दिया। इस पुनर्स्थापन कार्य से पुजारीन को सुरक्षित आवास मिला, वहीं मंदिर की दैनिक गतिविधियाँ भी पुनः सुचारू हो गईं। स्थानीय ग्रामीणों व श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट के इस मानवीय व धार्मिक सरोकार से जुड़े कार्य की प्रशंसा करते हुए विशेष आभार व्यक्त किया।

उनका कहना है कि कठिन परिस्थिति में ट्रस्ट ने बिना किसी स्वार्थ के सहायता करके समाज के सामने सेवा की मिसाल पेश की है। पुजारीन ने भावुक होकर कहा कि संस्था द्वारा किया गया यह सहयोग उनके लिए “जीवनदान से कम नहीं” है।स्थानीय गायक, अभिनेता एवं समाजसेवी विभोर शुक्ला ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा किया गया यह पुनर्निर्माण कार्य समाज में सहयोग की सच्ची भावना को मजबूती देता है। वहीं युवराज सिंह ने कहा कि राजवटिया धाम की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

इस मौके पर अतुल शुक्ला, विशाल तिवारी, शाहबाज अंसारी, गुड्डू यादव, टेनी यादव, मोहन राम, चनू शाह, भनू शाह, सुभाष यादव सहित कई समाजसेवी उपस्थित रहे।






