श्रद्धालुओं ने की त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी
बाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
वाल्मीकिनगर, भारत-नेपाल सीमा स्थित धार्मिक नगरी में कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर धार्मिक उत्साह और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। काली मंदिर और बेलवा घाट पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, वहीं कवलेश्वर स्थित त्रिवेणी संगम तट पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। कार्तिक पूर्णिमा हिंदू धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो भगवान शिव और भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन गंगा व नारायणी स्नान, दीपदान और आरती का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस पवित्र दिन स्नान-दान करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

पवित्र नारायणी नदी तट स्थित काली मंदिर और बेलवा घाट पर आयोजित महाआरती में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दीपों की लौ से पूरा घाट आलोकित हो उठा और वातावरण “हर-हर महादेव” तथा “जय श्री नारायण” के जयघोष से गूंज उठा। कार्तिक पूर्णिमा के इस अवसर पर देव दीपावली भी मनाई गई, जो भगवान विष्णु की विजय का प्रतीक मानी जाती है। भक्ति, श्रद्धा और दिव्यता से ओतप्रोत इस आयोजन ने वाल्मीकिनगर को एक बार फिर आध्यात्मिक आभा से आलोकित कर दिया।






