विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बिन मौसम हो रही लगातार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। इस अचानक हुई वर्षा से खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल बर्बाद हो रही है। खेतों में पानी भर जाने से कटाई का कार्य पूरी तरह ठप पड़ गया है।
धरती का सीना चीर अपनी कड़ी मेहनत और पसीने से फसल उगाने वाले किसानों के सामने अब भारी संकट खड़ा हो गया है। कई किसानों ने बताया कि जैसे-तैसे उन्होंने खाद, बीज और मजदूरी में बड़ी रकम खर्च कर फसल तैयार की थी, लेकिन समय से पहले हुई इस बरसात ने सारी मेहनत चौपट कर दी।
कई जगहों पर खेतों में पानी जमा हो जाने से धान की बालियां सड़ने लगी हैं, वहीं जिन इलाकों में कटाई शुरू हो चुकी थी, वहाँ कटे हुए धान के ढेर भीग जाने से अनाज खराब हो गया है।
किसानों ने प्रशासन से शीघ्र राहत और क्षतिपूर्ति की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकार की ओर से जल्द मुआवजा नहीं दिया गया, तो आगामी रबी फसल की बुआई कर पाना भी मुश्किल हो जाएगा।






