कुशीनगर उत्तर प्रदेश से अमित कुमार शर्मा की रिपोर्ट
छठ पूजा की तैयारी में दिल्ली से बिहार जा रही बस जब कुशीनगर के पास दर्दनाक हादसे का शिकार हुई, तो वहां हर तरफ़ अफरा-तफरी मच गई। चीख़-पुकार, घायल लोग, और भागदौड़ के बीच एक सिपाही ने वो किया जो शायद शब्दों में बयान करना आसान नहीं। तरयां सुजान थाने में तैनात सिपाही राधेश्याम यादव को जब पता चला कि एक मासूम बच्ची घायल हालत में तड़प रही है और मौके पर स्ट्रेचर नहीं मिला, तो उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की। बिना सोचे-समझे, बिना झिझके उस बच्ची को अपनी गोद में उठाया और दौड़ पड़े एंबुलेंस की ओर।
उनके चेहरे पर पसीना था, लेकिन आँखों में सिर्फ एक भाव — मानवता का कर्तव्य।
आज सिपाही राधेश्याम यादव की यह तस्वीर पूरे देश में वायरल हो रही है। लोग उन्हें खाकी का असली हीरो कहकर सलाम कर रहे हैं 27 लोग घायल हुए उस बस हादसे में शायद यह दृश्य सबसे मार्मिक था जब एक पुलिसवाला अपनी वर्दी से नहीं, बल्कि अपने दिल से सेवा करते हुए दिखा।कभी-कभी एक छोटी सी तस्वीर ही पूरी कहानी कह देती है कि अब भी इस दुनिया में इंसानियत ज़िंदा है।






