विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
देवभूमि देवरिया शहर में स्थित सिद्धपीठ मां दुर्गा के देवरही मंदिर में, जिलाधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा आयोजित ,नारी शक्ति जागरण के बैनर तले, दुर्गा माता की जागरण गीत, गायक राकेश तिवारी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने विभिन्न पूजा पंडालों का भ्रमण कर बताया कि-देवी के दिव्य शरीर से काली, तारा, छिन्नमस्ता, श्रीविद्या ,भुवनेश्वरी, भैरवी, बगलामुखी, धूमावती ,त्रिपुर सुंदरी और मातंगी ये दस महाविद्याएं अस्त्र-शस्त्र लिए निकलीं तथा असंख्य मातृकाएं भी प्रकट हुईं ।उन सब ने अपनी मस्तक पर चंद्रमा का मुकुट धारण कर रखा था ।इन शक्तियों ने देखते ही देखते दुर्गमासूर की सौ अक्षौहिणी सेना को काट डाला ।इसके बाद देवी ने दुर्गमासुर का अपने तीखे त्रिशूल से वधकर डाला और वेदों का उद्धार कर उन्हें देवताओं को दे दिया।दुर्गमासुर को मारने के कारण उनका दुर्गा नाम प्रसिद्ध हुआ। शताक्षी और शाकंभरी भी उन्हीं के नाम हैं ।दुर्गतिनाशिनी होने के कारण भी वे दुर्गा कहलाती हैं। इसीलिए चारों तरफ मां दुर्गा की पूजा आराधना से माहौल भक्तिमय हो गया है। देवी मंदिरों में मां दुर्गा के जयकारे गूंज रहे हैं। श्रद्धालु मां दुर्गा के चरणों में नारियल चुनरी और प्रसाद चढ़ाकर माताजी की पूजा अर्चना कर रहे हैं।लगभग हर मंदिर में सुबह से शाम तक मां दुर्गा का जयकारा लग रहा है।
इसी क्रम में देवरही देवी मंदिर में आज जिलाधिकारी देवरिया दिव्या मित्तल द्वारा भगवती जागरण का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें देर-रात तक गायक कलाकारों द्वारा भावपूर्ण भक्ति गीतों के माध्यम से देवी भक्तों को बांधे रखा। इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित विशिष्ट जन आरती में शामिल होकर मां दुर्गा से सभी के कल्याण की कामना की।अंत में उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।






