Wednesday, February 11, 2026
No menu items!
Google search engine
Home आस पास कर्णपुरा पंचायत भवन पर लगा राजस्व शिविर

कर्णपुरा पंचायत भवन पर लगा राजस्व शिविर

0
76

गोपालगंज बिहार से सुदीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट


मांझागढ़ /गोपालगंज। जमाबन्दी में सुधार करने तथा जमा बन्दी अलग करने के लिए जमाबन्दी धारकों के द्वारा आवेदन दीया जा रहा था ।जिन जमाबन्दी धारकों को जमाबन्दी सुधार कराने हेतु क्या डॉकमेन्ट देना है उसकी जानकारी राजस्व कर्मियों के द्वारा दी जा रहा था । राजस्व कर्मियों के द्वारा जमाबन्दी अलग कराने एवं जमाबन्दी में सुधार कराने हेतु जमीन धारकों औऱ मृत जमाबन्दी धारकों के उत्तराधिकारीयो को बताया जा रहा था कि बटवारा सिडियूल के आधार पर वंशावली के आधार तथा खतियान सलंग्न करने पर जमाबन्दी हिस्से के अनुसार अलग किया जाएगा जिसमे जमाबन्दी धारक के मृत्यु प्रमाण पत्र भी सलंग्न करना है , परन्तु खतियान में अंकित खाता खेशरा ऑन लाइन पंजी कृत नही किया गया है तो परिमार्ज के लिये आवेदन खाता खेशरा चौहदी के अनुसार देने पर जमाबन्दी में सुधार किया जा सकता है तथा जमाबंदी धारक की मृत्यु हो गयी तो उतराधिकारी जमाबन्दी में अपना नाम मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ अंकित कराना चाहते है वंशावली और खतियान लगा कर उतराधिकार के लिए आवेदन कर सकते है । परन्तु अभी लोगो को जमाबन्दी में सुधार कराने हेतु परेशानी झेलनी पड़ रही है कारण ये है कि बहुत से जमाबन्दी धारकों का रिकार्ड पंजी से पन्ने फट गए है जिसके कारण खतियान के नकल नही मिल पा रहा है । ऑन लाइन नकल निकालने के लिए हल्का और भाग संख्या तथा पृष्ठ संख्या देने पर ही ऑन लाइन खतियान का नकल निकल पायेगा जो जमाबन्दी धारकों को हल्का, पृष्ठ संख्या ,भाग संख्या की जानकारी नही है जिसके कारण ऑन लाइन नकल भी नही निकाल पा रहे है इतना ही नही जो ऑन लाइन विभाग द्वारा खाता खेशरा डाला गया है उसमें बहुत से जमाबन्दी में पूर्ण रूप से खाता खेशरा नही डाला गया है किसी किसी के सिर्फ जमाबन्दी नम्वर ही डाला गया और रकबा अंकित किया ऑन लाइन पंजी कृत किया गया परन्तु खाता खेशरा अंकित नही किया गया अब सवाल उठता है कि जिला और अंचल में दो जगहों पर भूमि के रिकार्ड रहते है । अगर जिला में रिकार्ड फट गया है तो अंचल से खतियान की नकल देने की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए ऑन लाइन जो जमाबन्दी तथा खाता खेशरा पंजी कृत किया गया है वे सरकारी रिकार्ड के अनुसार पूर्ण रूप से किया गया होता तो आज लोगो को राजस्व अभियान के तहत सुधार कराने या जमाबन्दी अलग कराने हेतु खतियान के नकल के लिए महीनों जिला का चक्कर नही लगाना पड़ता जिसको जमाबन्दी का खतियान फट गया है उसे खतियान का नकल नही मिलने तथा खाता खेशरा की जानकारी नही होने पर उस जमाबन्दी धारक का कैसे सुधार किया जाएगा तथा कैसे बटवारा सिडियूल तैयार कर जमाबन्दी अलग किया जा सकता हैं इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना चाहिए । ताकि जमाबन्दी धारक राजस्व अभियान के तहत समय से राजस्व अभियान के लाभ उठाते हुए अपने जमाबन्दी में सुधार या अलग करा सके,

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!