विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा अनुमंडल अंतर्गत मधुबनी प्रखंड स्थित राजकीय कृत हरदेव प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज मधुबनी के पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने बांसीधाम में अपने शिष्यों को संदेश देते हुए कहा कि -हम लोगोंके पास एक बहुत बढ़िया और सीमित चीज है— मानव जीवनका समय। प्रायः वस्तुएँ, धन आदि नष्ट न हो जाय— इस तरफ तो दृष्टि है, लेकिन समय नष्ट न हो जाय, समय फालतू न चला जाय— इस तरफ ध्यान कम है। जिस समयके बल पर हम जी रहे हैं, वह जीवनका समय निरन्तर खर्च-ही-खर्च हो रहा है। वस्तु आदि को तो तिजोरी में रखकर सुरक्षित कर सकते हैं, लेकिन समयको किसी भी रीतिसे खर्च होने से बचा नहीं सकते। हम अपने जीवनके समयको बढ़ा नहीं सकते, इसका सदुपयोग ही हमारे हाथ में है। जीनेका समय पूरा होते ही यहाँ से जाना पड़ेगा। समय देकर हम धन कमा सकते हैं, लेकिन धन देकर जीनेका समय नहीं बढ़ा सकते; इसलिए समयको भगवान् के चिन्तन-भजन, विवेक-विचार आदि श्रेष्ठ कार्योंमें लगाना चाहिए।






