Thursday, February 12, 2026
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Vtr के जटाशंकर मंदिर धाम में कंवारियों की उमड़ी भारी भीड़

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बाबा नगरिया दूर है जाना जरूर है तथा ओम नमः शिवाय की जयकारे के साथ गुजमान रहा क्षेत्र।

वाल्मीकि नगर से नन्द लाल पटेल की रिपोर्ट

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के सघन वन क्षेत्र में विराजमान जटाशंकर धाम मंदिर में शनिवार को कांवरियों की भारी भीड उमड़ पड़ी। सावन के दुसरे सोमवारी के उपलक्ष में कांवरियों का वाल्मीकि नगर आना लगातार जारी है। बाबा नगरिया दूर है जाना जरूर है तथा ओम नम: शिवाय के जयकारे के साथ यह जत्था जटाशंकर धाम व कालेश्वर मंदिर पहुंचा। यहां पूजा अर्चना व बाबा के जलाभिषेक के उपरांत जयघोष करते शिव भक्तों का यह काफिला धर्म पथ के आगे की यात्रा पर निकल पड़ा। इस जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि इस कांवर यात्रा से एक प्रकार के अलौकिक आनंद की अनुभूति होती है।‌ बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है आदि उद्घोष से वाल्मीकि नगर गुलजार रहा। शनिवार को सुबह जहां गिने चुने कांवरिया नजर आ रहे थे वहीं दोपहर होते-होते वाल्मीकि नगर शिवभक्तों से पट गया। शिवभक्त यात्रा शुरू करने से पहले विभिन्न दुकानों से पूजा-पाठ की सामग्रियों की खरीद कर रहे थे। कुछ देर तक आराम करने के पश्चात गंगा स्नान कर शिवभक्तों ने मां गंडकी व कांवर की आरती व पूजा की। पूजा -अर्चना के पश्चात जल भरे कांवर कंधे पर रखकर बोल बम का उद्घोष करते हुए गंतव्य के लिए प्रस्थान कर गए।भगवान शिव के प्रिय माह में सोनहा घाट भक्ति और आस्था का केंद्र बन गया है, जहां हजारों कांवरिए गंडक नदी में डुबकी लगाकर जल भर रहे हैं।”हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया है।

सोनहा घाट पर भक्ति का अद्भुत नजारा

श्रद्धालु गंडक नदी में स्नान कर कांवर में जल भर रहे हैं और फिर जटाशंकर धाम अन्य शिव मंदिरों, या अपने स्थानीय शिवालयों की ओर रवाना हो रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि सावन महीने में गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

शिव भक्ति में डूबा वाल्मीकिनगर

वाल्मीकिनगर भक्ति और आस्था के रंग में रंग चुका है।आने वाले दिनों में यह शिवमय माहौल और गहराएगा, क्योंकि सावन के प्रत्येक सोमवार को जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होगा। सावन में देश भर के सभी प्रसिद्ध शिव मंदिरों मैं जाकर जलाभिषेक करने की परंपरा है। कांवर यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां भी शामिल हुई हैं, कुछ बच्चे भी कांवर लेकर नंगे पांव चलते नजर आ रहे हैं।सोमवार का दिन महादेव और मां पार्वती को समर्पित होता है, ऐसे में उनके प्रिय माह सावन में पड़ने वाले सोमवार का महत्व कहीं ज्यादा बढ़ जाता है।

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